बुद्धिमान पत्नी

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बुद्धिमान पत्नी:- रमेश बहुत जुआ खेलता था। उसकी पत्नी सीमा अपने पति को जुए की आदत छुड़ाने के लिए बहुत समझाती परंतु उसका पति उसकी एक नहीं सुनता था।
एक दिन रमेश सब कुछ जुए में हार कर उदास मन से घर आया क्योंकि उसे एक व्यक्ति को जुए के पैसे चुकाने थे। दूसरे उस व्यक्ति ने यह शर्त रखी थी कि वह जिस वस्तु को सबसे पहले छुएगा, वही वस्तु उसकी हो जाएगी।

बुद्धिमान पत्नी

रमेश की पत्नी एक बुद्धिमान स्त्री थी। उसने अपने पति से कहा,” यदि आप वादा करें कि फिर कभी जुआ नहीं खेलेंगे तो मैं आपको इस परेशानी से बचा सकती हुँ।” रमेश तो वैसे ही इस लत से दुखी था। वह खुशी-खुशी मान गया। अगले दिन वह व्यक्ति आया। सीमा ने सारा कीमती सामान छज्जे के ऊपर रखवा दिया था तथा साथ ही ऊपर चढ़ने के लिए सीढ़ी भी खड़ी कर रखी थी।

वह व्यक्ति कीमती सामान पर हाथ लगाने के लिए छज्जे पर चढ़ने लगा। ऊपर चढ़ने के लिए जैसे ही उसने सीढ़ी पर हाथ लगाया। सीमा ने उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। व्यक्ति ने शर्त की बात याद दिलाई तो सीमा बोली,” आपकी शर्त यह थी कि जिस वस्तु को आप सबसे पहले झूमेंगे वह आपकी होगी। आप ने सबसे पहले सीढ़ी को छुआ है। अतः आप यह सीढ़ी लेकर चले जाइए।”
व्यक्ति अपना सा मुंह लेकर रह गया। रमेश पत्नी की चतुराई पर बहुत प्रसन्न हुआ। उसने जुआ खेलना सदा के लिए छोड़ दिया।

अतः यह सच है कि बुद्धि के द्वारा सब कुछ संभव हो सकता है।

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