बुरे कर्मों का फल

- Advertisement -

More articles

- Advertisement -

बुरे कर्मों का फल:- एक किसान पति पत्नी के पास बहुत सी भीड़ थी। परंतु पास के जंगल में रहने वाला भेड़िया एक-एक करके उन्हें खा गया था। अब उनके पास केवल एक भेड़ बच्ची थी। वे दोनों उस भेड़ को बेचैनी की बात कर रहे थे, जिसे भीड़ ने सुन लिया।

बुरे कर्मों का फलबुरे कर्मों का फल

उसने सोचा कि इससे पहले कि वे उसे बेचैन वह वहां से भाग जाएगी। जब रात में भेड़ चुपचाप भागी तो रखवाली करने वाला कुत्ता भी उसके साथ चल दिया। दोनों अभी थोड़ी ही दूर पहुंचे थे कि उन्हें रास्ते में भेड़िया मिल गया। परंतु कुत्ते के साथ होने के कारण वह भीड़ को सीधे नहीं खा सकता था। इसीलिए उसने धोखे से भीड़ को हड़पने की योजना बनाई और बोला,” ओ भेड़! मैं तुझे बहुत दिनों से ढूंढ रहा हूं। मेरा लबादा मुझे वापस कर, नहीं तो मैं तुझे खा जाऊंगा।”

भीड़ ने कहा कि उसके पास उसका कोई लबादा नहीं है। परंतु भेड़िया नहीं माना। जब कुत्ते ने जानवरों को पकड़ने के लिए लगाए गए फंदे की ओर संकेत करके कहा,” यदि तुम उस पवित्र कंगन को छूकर कसम खाओ, तभी हमें तुम्हारी बातों पर यकीन होगा।”
भेड़िए ने बिना यह देखें कि यह क्या चीज है, अपना हाथ वहां बढ़ा दिया। जैसे ही उसने फंदे को छुआ उसका हाथ फंदे में फंस गया।

सुबह जब किसान ने भेड़िए को फंदे में फंसा देखा तो वह बहुत खुश हुआ। अब वह फिर से भेड़े पाल सकता था।

अतः संकट में दिमाग से कार्य लेना चाहिए।

- Advertisement -

MOST POPULAR ARTICLES

TRENDING NOW

Latest

- Advertisement -