ब्राह्मण और उसका दानव

- Advertisement -

More articles

- Advertisement -

ब्राह्मण और उसका दानव:- एक आलसी ब्राह्मण के पास बहुत सारे खेत थे जो उसके काम करने की आदत के कारण बंजर हो गए थे। 1 दिन ब्राह्मण के घर एक साधु आया ब्राह्मण की सेवा से खुश होकर जाते हुए वह उसे एक मंत्र बता गया जिसके जाप करने से एक दानव प्रकट होगा जो दिए गए सभी कार्यों को पूरा करेगा।
उस ब्राह्मण ने उस मंत्रों का जाप करना शुरू कर दिया जिससे ब्राह्मण भयानक दानव प्रकट हुआ और ब्राह्मण से बोला,” तुम मेरे मालिक हो।

ब्राह्मण और उसका दानव

जल्दी से मुझे काम बताओ। यदि मैं खाली बैठा तो मुझे भूख लगेगी और भूख होने पर मैं सब कुछ खा सकता हूं।” ब्राह्मण दानव की बातों से बहुत प्रसन्न हुआ तथा उसने दानव को उसके बंजर खेतों की तरफ इशारा करके उन्हें जोतने को कहा दानव ने कुछ ही देर में सारे खेत जोत दिए।
इस तरफ ब्राह्मण ने उसे बहुत से काम बताएं जो उस दानव ने चुटकियों में ही खत्म कर डालें।
अब ब्राह्मण के पास कोई कार्य नहीं बचा था।

शो दानव ब्राह्मण को खाने के लिए बड़ा। तब थककर ब्राह्मण ने दानव को एक कुत्ता दिया तथा उसने उसकी पूंछ सीधी करने को कहा। दानव कुत्ते की पूंछ सीधी करने लगा। जैसे ही वह कुत्ते की पूंछ सीधी करता, दूसरे ही पल वह फिर टेढ़ी हो जाती। इस तरह वह कुत्ते की पूंछ सीधी करते-करते थक गया तथा परेशान होकर वहां से भाग गया।

शिक्षा लालच में अपना ही नुकसान है।

- Advertisement -

MOST POPULAR ARTICLES

TRENDING NOW

Latest

- Advertisement -