सबक

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सबक:– बिट्टू एक शरारती लड़का था। उसे दूसरों को परेशान करने में बहुत आनंद आता था। एक दिन वह पेड़ पर बैठा हुआ गुलेल से चिड़ियों पर निशाना लगा रहा था। पेड़ के नीचे से गांव के पुरोहित जी निकले। उसने पुरोहित जी का निशाना लगाकर एक बड़ा सा पत्थर उनके सिर पर दे मारा। पत्थर लगने से पुरोहित जी के सिर पर खून निकल आया। उन्होंने इधर-उधर देखा तो पाया कि बिट्टू पास के पेड़ पर बैठकर जोर-जोर से हंस रहा था।

सबकसबक

बिट्टू को सबक सिखाने के बारे में सोचते हुए वह उसके पास पहुंचे और प्यार से बोले,” बिट्टू! तुम्हारा निशाना तो बहुत अच्छा है। कल महाराज इस मार्ग से निकलेंगे। उनको भी अपना निशाना दिखाना। यदि वह तुम्हारे निशाने से प्रसन्न हो गए तो तुम्हें इनाम देंगे।”

इनाम के लालच में बिट्टू अगले दिन सुबह से ही पेड़ के ऊपर आकर बैठ गया। जैसे ही राजा की सवारी निकली, उसने गुलेल से निशाना साध कर एक पत्थर राजा के सिर में दे मारा। पत्थर लगते ही राजा तिलमिला उठा। उसने अपने सैनिकों को आदेश दिया” जिसने भी उसे यह पत्थर मारा है, उसे पकड़कर उसके सामने लाया जाए।”

सैनिक बिट्टू को पकड़कर राजा के पास ले गए। बिट्टू को सौ कोड़ो की सजा मिली। वह रोते हुए अपनी गलती की क्षमा मांगने लगा।

अब बिट्टू को सबक मिल चुका था कि बेवजह का मजाक हानिकारक होता है।

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