Guru Nanak Jayanti 2022

Guru Nanak Jayanti – गुरु नानक साहिब सिक्ख समाज के थे। उनके जन्म दिवस को गुरु नानक जयंती के रूप में बड़े धूम धाम से मनाया जाता है। यह त्यौहार पाकिस्तान में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। गुरुनानक साहिब का जन्म वर्तमान समय में पाकिस्तान में हुआ था। यह सिक्ख समाज के गुरु कहे जाते है परन्तु इन्हे किसी धर्म जाति ने नहीं बांध कर रखा है।

Guru Nanak Jayanti

गुरु नानक के जीवन से जुड़ी जानकारी 

जन्म 15 अप्रैल 1469
पूण्यतिथि कार्तिकी पूर्णिमा
जन्मस्थान तलवंडी ननकाना पाकिस्तान
मृत्यु 22 सितंबर 1539 
मृत्यु स्थान करतारपुर
स्मारक समाधी करतारपुर
पिता का नाम कल्यानचंद मेहता
माता का नाम तृप्ता देवी
पत्नी का नाम सुलक्खनी गुरदास पुर की रहवासी
शादी तारीख 1487
बच्चे श्रीचंद, लक्ष्मीदास
भाई/बहन बहन बेबे नानकी
प्रसिद्धी प्रथम सिक्ख गुरु
रचनायें गुरु ग्रन्थ साहेब, गुरबाणी
गुरु का नाम गुरु अंगद
शिष्य के नाम 4 – मरदाना, लहना, बाला एवं रामदास

Guru Nanak Jayanti क्यों मनाया जाता है

गुरु नानक सिख समुदाय के संस्थापक और पहले गुरु थे उन्होंने सिख समाज की नींव रखी उनके अनुयाई उन्हें नानक देव जी बाबा नानक और नानक शाह कह कर पुकारते थे दोस्तों गुरु नानक जयंती सिख धर्म का एक प्रमुख त्योहार है सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक जी के जन्म दिवस के दिन गुरु पर्व या प्रकाश पर्व मनाया जाता है गुरु नानक जयंती के दिन सिख समुदाय के लोग वाहेगुरु वाहेगुरु जपते हुए सुबह-सुबह प्रभात फेरी निकालते हैं।

गुरुद्वारे में शब्द कीर्तन करते हैं रुमाला चढ़ाते हैं शाम के वक्त लोगों को लंगर खिलाते हैं गुरु पर्व के दिन सिख धर्म के लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार सेवा करते हैं और गुरु नानक जी के उपदेशों यानी गुरु वाणी का पाठ करते हैं गुरु नानक जयंती कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। इस दिन देवों की दीवाली यानी देव दीपावली भी होती है दोस्तों हिंदी पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की पूर्णिमा को गुरु नानक जयंती मनाई जाती है। गुरु पर्व या प्रकाश पर्व गुरु नानक जी की जन्मदिन की खुशी में मनाया जाता है सिखों के प्रथम गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 को राय भाई की तलवंडी नाम की जगह पर हुआ था जो अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित नानक साहिब में है।

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Gurunanak Jayanti

गुरु नानक जयंती का महत्व

कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन गुरु नानक जयंती मनाई जाती है कि सिखों के पहले गुरु गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ था गुरु नानक का जन्म 1526 में कार्तिक पूर्णिमा को हुआ था इस दिन को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है गुरु नानक का मन बचपन में ही सांसारिक कामों में नहीं लगता था मैं अपना ज्यादातर समय प्रभु की भक्ति में बिताया करते थे वह 8 साल की उम्र में ही उन्होंने स्कूल छोड़ दिया था भगवान के प्रति उनका समर्पण दे लोग उन्हें विजयपुर भुलाने लगे अपने पहले गुरु के जन्मदिन को प्रकाश पर्व के रूप में पूरी दुनिया में धूमधाम से मनाते हैं।

गुरुनानक जी के दोहे

अपने ही सुखसों सब लागे, क्या दारा क्या मीत॥
मेरो मेरो सभी कहत हैं, हित सों बाध्यौ चीत।
अंतकाल संगी नहिं कोऊ, यह अचरज की रीत॥
 
मन मूरख अजहूं नहिं समुझत, सिख दै हारयो नीत।
नानक भव-जल-पार परै जो गावै प्रभु के गीत॥
 
एक ओंकार सतनाम, करता पुरखु निरभऊ।
निरबैर, अकाल मूरति, अजूनी, सैभं गुर प्रसादि ।।
 
हुकमी उत्तम नीचु हुकमि लिखित दुखसुख पाई अहि।
इकना हुकमी बक्शीस इकि हुकमी सदा भवाई अहि ॥
 
सालाही सालाही एती सुरति न पाइया।
नदिआ अते वाह पवहि समुंदि न जाणी अहि ॥
 
पवणु गुरु पानी पिता माता धरति महतु।
दिवस रात दुई दाई दाइआ खेले सगलु जगतु ॥
 
धनु धरनी अरु संपति सगरी जो मानिओ अपनाई।
तन छूटै कुछ संग न चालै, कहा ताहि लपटाई॥
 
दीन दयाल सदा दु:ख-भंजन, ता सिउ रुचि न बढाई।
नानक कहत जगत सभ मिथिआ, ज्यों सुपना रैनाई॥

गुरु नानक जयंती कब मनाया जाता है ?

कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन गुरु नानक जयंती मनाई जाती है।

गुरु नानक साहेब का जन्म कब हुआ था ?

गुरु नानक का जन्म 1526 में कार्तिक पूर्णिमा को हुआ था।

गुरु नानं जयंती के दिन सिख समुदाय के लोग किस तरह फेरी निकालते है ?

गुरु नानक जयंती के दिन सिख समुदाय के लोग वाहेगुरु वाहेगुरु जपते हुए सुबह-सुबह प्रभात फेरी निकालते हैं।

गुरु नानक जी का मृत्यु स्थान कौनसा है ?

गुरु नानक जी का मृत्यु स्थान करतारपुर है।

गुरु नानक जी के माता पिता का नाम क्या था ?

गुरु नानक जी के माता का नाम तृप्ता देवी और पिता का नाम कल्यानचंद मेहता था।