Moral Stories in Hindi | Great Moral Stories for Children

moral stories in hindi | moral stories| kahani | kahaani | story in hindi | moral stories for kids in hindi | hindi stories | moral story | stories for kids in hindi | kahaniyan | hindi stories for kids | hindi kahani

नमस्कार दोस्तों जैसा की आप सभी जानते है की हम सब लोग बचपन में दादा-दादी, नाना-नानी से जिन कहानियों को सुनकर हम बड़े हुए हैं।कुछ ऐसी ही चुनिंदा प्रेरणादायक हिंदी कहानियों हम आपके लिए लेकर आये है, जिनको पढ़कर आपको जीवन में कुछ ना कुछ सीख अवश्य मिलेगी। प्रत्येक कहानी में कुछ ना कुछ संदेश व शिक्षा छुपी हुई होती है। इसलिए प्रत्येक कहानी के अंत में कहानी से मिलने वाली सीख (moral) को अच्छे से highlight किया गया है। प्रस्तुत है हिंदी में 129 सबसे बेहतरीन प्रेरणादायक कहानियां (Moral Stories in Hindi):-

Moral Stories in Hindi

फूल भी कांटे भी / Flowers also thorns

क छोटा बालक बगीचे में खेल रहा था। उस बगीचे में ढेर सारे पौधे लगे हुए थे उन्हीं में बेर का एक पौधा भी लगा हुआ था। वह पौधा रसीले बेरों से लदा था।पौधे पर लटके हुए बेरों को देखकर बालक के मुंह में पानी आ गया। उन्हें खाने के लिए बालक पौधे पर से बेर तोड़ने लगा।

फूल भी कांटे भी

यह तो आप सभी जानते हैं कि बेर के पौधे में बेर के साथ-साथ कांटे भी लगे होते हैं। सो बेर तोड़ते समय बालक के हाथ में कांटे भी चुभने लगे जिससे उसे दर्द महसूस होने लगा। दर्द होने पर वह बेर   छोड़कर रोता हुआ अपनी मां के पास पहुंचा तथा उन्हें सारी बात बताई। उसकी पूरी बात सुनने के बाद मां ने बालक के आंसू पूछते हुए कहा,”बेटा, किसी भी चीज को पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है।

इस कांटो के दर्द के बदले तुम्हें रसीले बेर खाने को मिल गए। यह क्या कम है।”मां ने बालक को आगे समझाते हुए कहा,”गलती तुम्हारी है क्योंकि तुम्हारा ध्यान कही और था। अतः तुमने पौधे पर से केवल बेर को ही नहीं तोड़ने का प्रयास किया। यदि तुम चुभने वाले कांटों को ध्यान में रखकर पौधे की शाखा को मजबूती से पकड़ कर बेर तोड़ते तो शायद तुम्हें काटे नहीं चुभते

आगे से हमेशा ध्यान रखो कि फूल के साथ कांटे भी होते हैं।”बालक को मां की बात समझ में आ गई थी।

अतः खतरों का सामना किए बिना कुछ प्राप्त नहीं हो सकता।

व्यवहार बदले, शरीर नहीं / Change behavior, not body

व्यवहार बदले, शरीर नहीं:- एक समय की बात है। एक बिल्ली एक दूरदर्शन युवक को देखकर उससे प्रेम करने लगी। परंतु एक बिल्ली का एक युवक से कैसे विवाह हो सकता है। अतः उसने ईश्वर से प्रार्थना कि। ईश्वर ने उसकी प्रार्थना स्वीकार कर उससे एक सुंदर युवती में परिवर्तित कर दिया। सुंदर युवती को देख कर वह युवक भी उस प्रेम करने लगा तथा कुछ दिनों के पश्चात उन दिनों का विवाह हो गया।

व्यवहार बदले, शरीर नहीं

नवदंपति को आराम के लिए एक कमरे में ठहराया गया। ईश्वर युवती बनी के स्वभाव की परीक्षा लेना चाहता था। अतः ईश्वर ईश्वर ने कमरे में एक चूहा भेजा।
चूहे को देखते ही युवती बनी बिल्ली सब कुछ भूलकर चूहे का पीछा करने लगी तथा थोड़ी देर में उसे पकड़ लिया। चूहे का पीछा करते समय वह यह भी भूल गई थी कि वह अब युवती है, बिल्ली नहीं। ईश्वर युवती बनी बिल्ली के इस व्यवहार से बहुत दुखी हुई और बोले,” युवती बनने के बाद भी तुम्हारा स्वभाव बिल्ली का ही है। अतः उचित यही है कि तुम बिल्ली ही बनी रहो।” इतना कहते ही ईश्वर ने उस युवती को वापस बिल्ली बना दिया। वास्तव में शरीर या वस्त्रों के बदल जाने से किसी चरित्र अथवा व्यवहार में बदलाव नहीं आता।

अतः व्यक्ति का मूल स्वभाव जैसा है, वैसे ही रहेगा।

बाज और बुलबुल / Eagle and bulbul

बाज और बुलबुल:- एक बुलबुल ताड़ के ऊंचे पेड़ पर बैठी हुई थी। ठंडी-ठंडी हवा चल रही थी। बुलबुल भी काफी खुशी दिखाई दे रही थी। खुशी का प्रदर्शन करने के लिए वह अपनी मीठी आवाज में गाना गाने लगी।

बाज और बुलबुल

एक धोखेबाज ने उसका गाना सुना। गाने की आवाज का पीछा करते हुए उसने बुलबुल को पेड़ की डाल पर बैठा देख तेजी से झपटा मारकर उसे अपने पंजों में जकड़ लिया।
बुलबुल एकदम डर गई। फिर वह बाज को खुश करने के लिए बोली,” मुझे जाने दो। मैं तो एक बहुत छोटी सी चिड़िया हूं। मुझसे तुम्हारी भूख बिल्कुल नहीं मिटेगी।” उसकी बात को सुनकर बाद हंसते हुए बोला,” तुम कह ठीक रही हो। परंतु मैं तुम्हें छोड़ दूंगा इसकी आशा तुम बिल्कुल न रखना।” बुलबुल यह सुन उदास हो गई फिर कुछ सोचकर वह बाज से बोली,” सारे संसार में आप जैसा कोई दूसरा शिकारी नहीं है।

आप अवश्य ही अपने लिए एक बड़ा और अच्छा शिकार पकड़ लेंगे।” कुछ समय सोचने के बाद बाज बोला,” छोटी चिड़िया! क्या तुम मुझे मुर्ख समझती हो। जो मेरे पास नहीं है उसके लिए, जो मेरे पास है मैं उसे नहीं छोड़ सकता। क्या पता बाद में मुझे कोई बड़ा शिकार मिले या नहीं मिले।” ऐसा कहकर बात बुलबुल को खा गया।

अतः कल के लिए अपने आज को गवाना मूर्खता है।

मेहनत रंग लाई / Hard Work Brings Success

मेहनत रंग लाई:- एक बार कुछ मछुआरे मिल समुद्र में मछलियां पकड़ने गए उनका नेता एक बूढ़ा परंतु बुद्धिमान मछुआरा था उन्होंने एक बड़ा जाल समुंद्र में डाल दिया कुछ समय बाद ही उन्हें जाल भारी लगने लगा

मेहनत रंग लाई

वह सब यह सोच कर कि उनके जाल में बहुत सारी मछलियां फस गई पूरी शक्ति से जाल खींचने लगे परंतु जैसे ही जाल खींचकर ना ऊपर चढ़ाया तो पाया की जाल में केवल कुछ छोटी-छोटी मछलियां फंसी है तथा जहाज के टूटे हुए टुकड़े तथा मलबे, काफी मात्रा में जाल में फंस गए थे जिसके कारण जाल भारी हो गया था। यह देखकर मछुआरों के खिले हुए चेहरे मुरझा गए। हिम्मत हार कर वह जाल को पानी में छोड़ने लगे।

तभी एक बूढ़े मछुआरे ने कहा,” हिम्मत मत हारो! जान को पूरा पानी से बाहर खींचो तथा दोबारा जाल डालो। हमें अवश्य सफलता मिलेगी।” अपने नेता की बात मानकर सभी मछुआरों ने मिलकर जाल को नाव पर चढ़ाया। जाल में से मलवा हटाते समय उन्हें उसके अंदर एक संदूक मिला जिसमें स्वर्ण मुद्राएं गहने तथा हीरे-जवाहरात थे। उन्होंने संदूक के सामान को बराबर-बराबर बांट लिया।

अतः किसी भी कार्य को अधूरा नहीं छोड़ना चाहिए।

चालाक विदूषक / Clever clown

चालाक विदूषक:- एक राज के दरबार में एक बुद्धिमान वह चालाक विदूषक था। इसके अतिरिक्त वह सवभावतः बहुत मजाकिया भी था। वह अपने मजा तथा चुटकुलों से सभी को हंसाता रहता था। उसकी बुद्धिमानी और हंसमुख स्वभाव के कारण राजा उसको बहुत मान देते थे तथा हर बार पर उससे सलाह लेते थे। जिस कारण कई मंत्री विदूषक से ईर्ष्या करने लगे थे।

चालाक विदूषक

एक बार विदूषक ने अपनी सीमा को लांगतै हुए राजा के साथ एक व्यंग्यपूर्वक मजाक कर दिया। राजा को वह व्यंग्य सहन नहीं हुआ तथा वह विदूषक पर बुरी तरह क्रोधित हो गए। विदूषक से जलने वाले मंत्रियों ने इस अवसर का लाभ उठाकर राजा को विदूषक के विरुद्ध खूब भड़काया। गुस्से में राजा ने विदूषक को मृत्युदंड दे दिया।

जब विदूषक को मृत्युदंड देने के लिए ले जाया जा रहा था तब राजा ने नियमानुसार उससे पूछा” तुम्हारी अंतिम इच्छा क्या है? तुम किस प्रकार मरना चाहोगे।” यह सुनकर विदूषक बोला,” महाराज! आपकी आज्ञा से मैं बुढ़ापे की मौत मरना चाहता हूं।”
यह बुद्धिमानी पूर्ण इच्छा सुनकर राजा सहित सभी दरबारी हंसने लगे। यह जवाब सुनकर राजा ने विदूषक को क्षमा कर दिया। अपनी बुद्धिमानी से विदूषक को पुनः वही पद व सम्मान मिल गया।

तभी तो कहा गया है कि जहां शक्ति से बात ना बने, वहां बुद्धि से बात बन जाती है।

मूर्ख मेंढक / Silly frog

मूर्ख मेंढक:- एक बार की बात है, दो मेंढक थे। एक मेंढक ने अपना घर तालाब के किनारे बना रखा था। जबकि दूसरा मेंढक सड़क के किनारे फुटपाथ पर अपना घर बनाकर रहता था। एक दिन तालाब के मेंढक ने दूसरे मेंढक से कहा,” प्रिय मित्र! तुम तालाब में आकर मेरे साथ रहो।

मूर्ख मेंढक

सड़क के किनारे सड़क के किनारे रहना बहुत खतरनाक है। कभी-कभी कोई रतमान अथवा गाड़ी वाला फुटपाथ पर भी अपनी गाड़ी चढ़ा देते हैं। कहीं कभी तुम्हारे साथ कोई दुर्घटना ना हो जाए।”
यह सुनकर दूसरा मेंढक बोला,” अरे , नहीं नहीं! मैं तो इस विषय में सोचता ही नहीं। मैं इस स्थान को नहीं छोड़ सकता। यहां तो मैं वर्षों से रह रहा हूं, सो मैं तो इसी स्थान पर रहूंगा।”
दुर्भाग्यवश, कुछ दिनों बाद ही एक रात अचानक सड़क से पगडंडी पर उतर गया। रथ के पहिए के नीचे आकर दूसरे मेंढक की मौत हो गई। तालाब के मेंढक को अपने मूर्ख मित्र की मृत्यु का बहुत दुख हुआ।

अतः सही कहा गया है कि संभावित दुर्घटना का विचार कर उसका निराकरण पहले ही कर ले। यह आवश्यक तो नहीं कि जो दुर्घटना अभी तक नहीं हुई, वह आगे भी नहीं होगी। यदि पगडंडी वाला मेंढक उस स्थान को छोड़कर तालाब में चला गया होता तो शायद उसका इतना दुखद अंत नहीं होता।

अतः बुद्धिमान की सलाह को अवश्य मानना चाहिए।

घमंडी तितली / Proud Butterfly

घमंडी तितली:- एक बार एक बहुत सुंदर तितली जंगल के इधर-उधर उड़ रही थी। उसने एक हाथी का बच्चा देखा। उससे बात करने के लिए वह उसके कान के पास जाकर बैठ गई। हाथी ने उससे पूछा,” कौन हो तुम? और कहां जा रही हो?”

घमंडी तितली

” अरे तुम मुझे नहीं जानते,” तितली ने हैरान होते हुए कहा,” मैं तो सबसे सुंदर तितली हूं। तुम्हारा तो भारी भरकम शरीर है परंतु मेरे नाजुक व सुंदर पंखों के कारण लोग मुझसे जलते हैं। इनसे मैं कहीं भी उड़ कर जा सकती हूं।”
हाथी बड़े ही शांत भाव से बोला,” ओह! अच्छा, तुमसे मिलकर प्रसन्नता हुई।” तितली रूप के घमंड में इठलाती हुई बोली,” तुम्हारा और मेरा क्या मुकाबला? तुम्हारी चार टांगे है। जबकि मेरी छह तांगे है। हम दोनों में केवल एक ही समानता है। तुम्हारे पास सूंड है जबकि मेरे पास दो चुषक है। परंतु तुम्हारी सूंड फूलों से रस नहीं चूस सकती जबकि मैं फूलों से रस चुस्ती हूं।”
हाथी चुपचाप यह है सब सुन रहा था। तभी हवा का एक झोंका आया। तितली अपने आप को संभालना सकी और हवा ने उसे दूर उछाल करके दिया जबकि हाथी अपने स्थान पर अडिग खड़ा रहा।

तितली मदद के लिए चिल्ला रही थी, “अरे! कोई मुझे बचाओ।” जब तक हाथी उसकी मदद करता, तितली हवा के तेज बहाव के साथ गायब हो चुकी थी।

किसी ने ठीक ही कहा है थोथा चना बाजे घना।

लोमड़ी का बदला / Fox revenge

लोमड़ी का बदला:- एक बार एक लोमड़ी ने खेत में उगे एक कद्दू को तोड़कर खा लिया।खेत के मालिक को बहुत क्रोध आया। उसने लोमड़ी का पीछा करके उसे पकड़ लिया। लोमड़ी किसान से क्षमा मांगने लगी परंतु किसान का हद नहीं पिघला। गुस्से में किसान ने लोमड़ी की पूंछ पर तेल से भीगा हुआ कपड़ा लपेट कर आग लगा दी।

लोमड़ी का बदला

आग लगाने से लोमड़ी की पूछ जलने लगी। अब उसने किसान से बदला लेने की सोची। वह किसान के दूसरे खेत की तरफ दौड़ी। वह खेत गेहूं का था, जहां फसल पूरी तरह से पक चुकी थी। केवल उसे काटकर गेहूं अलग करना शेष था। वहां जाकर लोमड़ी ने अपनी जले हुए पूछ से गेहूं के पूरे खेत में आग लगा दी।

जल्दी ही सुखी फसल ने आग पकड़ ली तथा पूरा खेत जलकर राख हो गया। किसान को अपनी गलती का अहसास हुआ। पहले तो उसे केवल एक कद्दू का ही नुकसान हुआ था।परंतु अपने क्रोध के कारण उसे हजारों रुपए की फसल का भी नुकसान हो गया था। यह देखकर वह अपना सिर पीटने लगा। और सोचने लगा कि यदि वह लोमड़ी को शम्मा कर देता तो शायद यह नौबत न आती।

अतः किसी की छोटी सी भूल के लिए उसे क्षमा कर देना ही उचित है।

अतः क्षमा सबसे बड़ा दान है।

हट का परिणाम / Result of hut

न्याय  / The justice  

ऊंट की शामत आई / Camel in trouble

बुरे का अंत बुरा / End of bad bad

सही युक्ति / Right tip

नाम नहीं, काम महान होता है / No name works great

“Moral Stories for kids in Hindi”

ईश्वर का न्याय / Justice of god

गधा बना दूत / Donkey turned Minister

मौका बार-बार नहीं मिलता / Don’t get the chance again

महल के साथ झोपड़ी / Cottage with castle

बुरे का अंत बुरा / End of bad habits

आजादी का सुख / Pleasure of freedom

व्यवहार कुशलता / Pleasure of freedom

कंजूसी की हद / Tact efficiency

कंजूस की कंजूसी / Stingy of a Man

बुद्धिमान पत्नी / Clever Wife

“Story In Hindi”

किसान की दरियादिली / Generosity of the farmer

पाया या गवाया / Found or lost

चतुर मोनू / Clever monu

खजांची का चुनाव / Selection of Cashier

एक के दो, दो के चार / One of two, two of four

होटल के खरीदार / Hotel buyer

“Hindi Stories with Moral”

सहनशीलता / Tolerance

अनमोल सीख / Priceless learning

कौआ बना मोर / Crow become peacock

कछुआ बना पहलवान / Tortoise becomes a wrestler

पानी का पेड़ / Water tree

कुम्हार के घड़े / Potter’s pot

बुरे कर्मों का फल / The result of bad deeds

ईश्वर में आस्था / Faith in god

बिल्ली बनी पालतू / Cat become pet animal

मोहित की समझदारी / Mohit’s rationality

चोर की सजा / Thief punishment

सबक / lesson

होशियार अनुज / Clever anuj

पहले सोचो फिर बोलो / think then talk

हर चमकती वस्तु सोना नहीं होती / Not every flashing object is gold

सच हुआ सपना सच हुआ / Dream come true

किसी ने कहा था / Someone said

हरा धन / Green money

“Short Story in Hindi”

समय की कीमत / Value Of Time

राजा की दवाई / King’s medicine

एक व्यक्ति बाहर नहीं आया / One person didn’t come out

मेहमान नवाजी / Hospitality of Guest

राजा का उपहार / King’s gift

दुनिया गोल है / The Earth is round

और हाथी की सूंड लंबी हो गई / And the elephant’s trunk became longer

सांप और नेवले की दुश्मनी / Snake and mongoose hostility

“Moral stories for Childrens in Hindi”

क्या खरीदें / What to buy

ऊंट को कैसे बांटे / How to share a camel

जैसे का तैसा / Tit for tat

ईर्ष्या का फल / Fruit of jealousy

दुश्मन की चाल को मात / Beat the enemy’s tricks

पर तुम दो हो / But you are two

मंत्रियों से बुद्धिमान गधा / Wise ass from ministers

केवल एक रुपए के लिए / For one rupee only

मूर्ख कौन / Fool who

कक्षा का मॉनिटर / Classroom monitor

तीन प्रश्न / Three Questions

दो चिड़िया / Two Birds

सच बोलो लेकिन प्रिय बोलो / Tell the truth but dear

“मोरल स्टोरी इन हिंदी”

हम अपने को कभी नहीं देखते / We never see ourselves

तस्वीर के दो रुख / Two sides of the picture

लापरवाही का फल बुरा होता है / Carelessness results in bad

कथनी और करनी / Say and do

सबसे बड़ा उपाय / Greatest solution

ईश्वर बहुत दयालु है / God is so kind

जैसे को तैसा / Tit for tat

दसवां डूब गया / Tenth drowned

मूर्ख मारिया / Stupid maria

धूर्त भेड़िया व बकरी का बच्चा / Sly wolf and goat kid

पद का महत्व / Importance of post

व्यर्थ की कृतज्ञता / Gratitude in vain

“Hindi Short Story”

मदारी और उसका बंदर / Madari and his monkey

जितना संभले उतना ले / Take as much as you can

चालाक चूहा / Clever mouse

अंधों में काना राजा / Blind king in the Group

अलग-अलग राहें / Different paths

उपकार कभी व्यर्थ नहीं जाता / Favor never goes in vain

साधु और उसका दिखावा / Monk and show off

सांप और नेवला / Snakes and mongoose

व्यापारी का गवाह / Businessman’s witness

पालतू कुत्ता / pet dog

सोने की प्रतिमा / Gold statue

बात करने की कला / Art Of Talking

लोमड़ी और अजगर / Fox and dragon

“Moral stories for kids”

ब्राह्मण और उसका दानव / Brahmin and his demon

Apne Dost Pahchano: अपने दोस्त पहचानो  / Recognize your friend

Yogyata: योग्यता / Ability

Sangeetkaar Bhediya: संगीतकार भेड़िया / Musician Wolf

Anmol Khajana: अनमोल खजाना / Priceless Treasure

Doctor Frog: डॉक्टर टर्र-टर्र

दुष्ट पर विश्वास हानि लाए साथ / Faith on the wicked bring harm

सेर का सवा सेर / Ser ka Sawa ser

अपने मुंह मियां मिट्ठू / Apne Miya Mittu Banana

“Stories in Hindi”

आलस सबसे खतरनाक बीमारी है / Sloth is the most dangerous disease

तू डाल – डाल मैं पात – पात / Tu daal-daal me paat-paat

समय से पहले कुछ नहीं मिलता / Nothing gets ahead of time

दुष्ट पर दया मुसीबत है / Pity on the wicked is trouble

मेहनत का फल / fruit of hard work

बिल्ली बनी डॉक्टर / Cat Become Doctor

घोड़ा और गधा / Horse and donkey

धरती की हरियाली बचाओ / Save the greenery of the earth

राजा का चुनाव / Election of King

अपना-अपना महत्व / Own importance

“Story for kids in Hindi”

धन का होना भी मुसीबत है / Money is also a problem

जमीन पर देख कर चलो / Look at the ground and walk

चालाकी सदैव सफल नहीं होती / Cleverness doesn’t always succeed

अहंकारी का सिर नीचा / Egoistic head down

चोर की दाढ़ी में तिनका / A speck in the beard of a thief

“Kids story in Hindi”

मौका देख कर बात करना / See the chance then talk

बिना विचारे पाछे पछताए / Regrets without thinking

बुरे का अंत बुरा / End of bad remains bad

धूर्त से मित्रता मूर्खता है / Sly friendship is foolish

बद अच्छा बदनाम बुरा / Bad Accha Badnaam Bura

अपनी मदद स्वयं करो / Help yourself

“Hindi kahani”

गधे का शिकार / Donkey hunt

हाथी के दांत / Teeth of Elephant

Ishwr or Insaan: ईश्वर और इंसान

Bakri ki salah: बकरी की सलाह

Dhoke ki saja: धोखे की सजा

Moral Stories in Hindi:- आशा करते है आपको यह कहानिया अच्छा लगी हो और आपको कुछ ना कुछ सिख जरूर मिली हो। इसी तरह की नवीनतम कहानियो के लिए बने रहिये हमारी इस वेबसाइट www.gr8learnings.com पर। धन्यवाद !