Teachers Day Speech, Short Essay, And Long Essay- In Hindi

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Teachers Day Speech- In Hindi

हमारा भारत देश अपनी संस्कृति और विचार धाराओ के नाम से जाना जाता हैं। यंहा आये दिन कोई न कोई पर्व या दिवस होते ही हैं। हमारा भारत देश बहुत ही रंगीन हैं इसलिए हमारे देश का झंडा भी तिरंगा है। तीन रंगो से बना एक अद्भुत तिरंगा। हमारे यंहा जिस तरह भगवान् की पूजा की जाती हैं उसी प्रकार हमारे यंहा माँ को और गुरुओ को भगवन माना जाता हैं। आज कुछ इसी तरह हम हमारे भगवान अर्थात गुरुओ के विशेष दिन शिक्षक दिवस की बात कर रहे हैं।

 वैसे तो गुरुओ के लिए कोई दिन नहीं होता बल्कि गुरुओ से तो दिन शुरू होता हैं लेकिन फिर भी हम उस एक दिन समय निकाल के अपने गुरुओ को हमे इतना आगे बढ़ाने के लिए धन्यवाद जरूर देते हैं कि उन्होंने हमे इस योग्य बनाया कि आज हम जंहा भी जाये कोई भी नाम कमाए हमे गर्व होता हैं अपने आप पर और सम्मान की अनुभूति होती हैं।

Short Speech On Teachers Day

आदरणीय प्रधानाचार्य और अध्यापिकाओं / अध्यापको तथा मेरे समस्त सहपाठियों आप सभी को नमस्ते। शिक्षक दिवस के दिन सभी शिक्षकों के प्रयास को मान्यता दी जाती है इसलिए हम प्रतिवर्ष दुनिया भर में शिक्षक दिवस के रूप में उनके सभी योगदान का उत्सव मनाते हैं। इसलिए हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस वह 5 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाते हैं। सालाना हर वर्ष शिक्षक दिवस पर व्यक्तियों को आकार देने व सभी छात्र एवं छात्राओं के भविष्य को अच्छा बनाने के लिए शिक्षकों के सम्मान में शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

वास्तव में भारत के पूर्व उप-राष्ट्रपति   डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन है और वह हमारे भारत के दो बार पूर्व उप-राष्ट्रपति भी रह चुके हैं शिक्षकों द्वारा किए गए योगदान एवं उनके प्रयासों पर कभी खास ध्यान नहीं दिया गया। इसलिए हम सभी को शिक्षकों के सम्मान में सभी स्कूल में शिक्षक दिवस मनाना चाहिए।

इस दिन के लिए बच्चे बड़े उत्साह से अपने पसंदीदा शिक्षकों के सम्मान में कुछ उपहार फूल और कार्ड देते हैं यह दिवस हम डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है। जो कई महानगुणों और विशेषताओं के व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं।

यह दो बार हमारे भारत के उप-राष्ट्रपति रह चुके हैं। शिक्षक समस्त विश्व में कई प्रकार के महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । वे युवाओं को भविष्य अनुशासन में डालने का प्रयास करते हैं शिक्षक छात्रों को अध्यात्मिक और भावनात्मक विषयों का भी मार्गदर्शन देते हैं। साथ ही शिक्षक विद्यार्थियों को दिन प्रतिदिन की चुनौतियों का सामना करना भी सिखाते हैं।

teachers day

शिक्षक दिवस सभी के लिए एक महत्वपूर्ण है। अगर दूसरे शब्दों मैं कहां जाए तो एक शिक्षक अपना पूरा साथ हमें शिक्षित करने व हमारे उज्जवल भविष्य के लिए तैयार करने में लगा देते हैं आजकल छात्र अपने स्कूल पूरी होने के बाद अपने शिक्षक को भूल जाते हैं

इस प्रकार एक ऐसा दिन जो शिक्षक को पूरी तरह से समर्पित हो तथा इस दिन उनका पूर्ण रूप से सम्मान होना चाहिए क्योंकि एक शिक्षक अपना पूरा सार हमें असंख्य रूप में डालने की कोशिश करते हैं। 

आपसे से ही सीखा आपसे से ही जाना,
आप को ही हमने बस गुरु है माना। 
सीखा हैं सब कुछ बस आपसे ही हमने
शिक्षा का मतलब बस आपसे ही जाना।

 

Long Speech On Teachers Day

आदरणीय प्रधानाचार्य और अध्यापिकाओं / अध्यापको तथा मेरे समस्त सहपाठियों आप सभी को नमस्ते। जैसा की आपको भली-भांति ज्ञात है की आज हम सब यंहा क्यों एकत्रित हुए हैं आज का दिन बहुत ही खास हैं। आज 5 सितम्बर हैं अर्थात आज का दिन हम “शिक्षक दिवस”के रूप में हर साल मानते हैं। यह दिन भारत के पूर्व राष्टीयपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की याद में मानते हैं।

आपको को हम एक ओर बात बता दे की डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी राजनैतिक और चिकित्सक के रूप में तो सर्वश्रेष्ठ थे ही परन्तु वह शिक्षा के क्षेत्र में भी गुणी थे। इसलिए ही तो हम इनकी जयंती पर हर साल शिक्षक दिवस अर्थात Teacher’s Day का आयोजन करते हैं।

इस दिन हम शिक्षक और उनके प्रयासों की सरहाना करने के लिए बहुत सारी गतिविधियां करते हैं शिक्षक दिवस हमारे शिक्षकों को उनके प्रयासों की सराहना करने के लिए इस दिन का सम्मान कर उन्हें छात्र-छात्राओं की तरफ से कुछ उपहार फूल एवं कार्ड देखकर सम्मानित किया जाता है। हमारे भारत में एक शिक्षक को गुरु ज्ञानी के भगवान के समान माना जाता है और एक गुरु का हम अपने माता-पिता से पहले उनका आदर करते हैं ।

हमारे भारत में पुराने समय से शिष्य और गुरु की परंपरा चली आ रही है हम चाहे कितने हैं बड़े और समझदार क्यों ना हो जाए लेकिन जो हमारे दिल में गुरुओ का स्थान हैं वह स्थान कोई नहीं प्राप्त कर सकता। शिक्षक तो उस वृक्ष कि भांति होते हैं जो खुद धुप में खड़े होकर हमे छाया प्रदान करवाते हैं और किसी भी प्रकार की कोई भी परेशानी अपने विद्यार्थी पर नहीं आने देते।

गुरु ही हमें सही मार्ग पर चलने को प्रेरित करते हैं एक शिष्य के समस्त जीवन में उनके माता-पिता की जगह कोई नहीं ले सकता है क्योंकि हमारे माता-पिता से ही हमारा जन्म हुआ है और उन्हें की वजह से हमने इस रंगीन दुनिया को देखा है। प्राचीन समय से ही कहा जा रहा है कि हर शिष्य के पहले गुरु माता पिता ही होते हैं  क्योंकि उन्हें जीवन जीने का पहला पाठ बच्चों को उनके माता-पिता ही पढ़ाते हैं।

teachers day

हम प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाते हैं , वैसे हम शिक्षक दिवस हमारे पूर्व उप-राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के अवसर पर शिक्षकों के सम्मान में व उनके प्रयासों की सराहना करने के लिए और छात्रों की तरफ से उनका आभार प्रकट करने के लिए मनाया जाता है

शिक्षक दिवस के दिन सभी स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती है इस दिन शिक्षक व छात्र दोनों ही सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेते हैं। सभी स्कूल और कॉलेजों सहित अलग-अलग प्रकार के गतिविधियां अपने तरीके से शिक्षक के सम्मान में करते हैं। शिक्षक दिवस सभी के लिए एक महत्वपूर्ण है जो एक छात्र के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अगर दूसरे शब्दों में  कहां जाए तो एक शिक्षक अपना पूरा साथ हमें शिक्षित करने व हमारे उज्जवल भविष्य के लिए तैयार करने में लगा देते हैं। आजकल छात्र अपने स्कूल पूरी होने के बाद अपने शिक्षक को भूल जाते हैं छात्र विभिन्न तरह से अपने गुरुओं का सम्मान करते हैं, तो वही शिक्षा गुरु शिष्य परंपरा को कायम रखने का संकल्प लेते हैं स्कूल और कॉलेज में पूरे दिन उत्सव का माहौल रहता है और सभी छात्र एवं शिक्षक डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती याद कर मनाया जाता है एक गुरु और शिष्य का संबंध भारत की संस्कृति का प्राचीन और पवित्र रिश्ता है

इसके कई उदाहरण इतिहास में देखने को मिलते हैं शिक्षक बगीचे के उस माली के समान है जो अपने बगीचे को अलग-अलग से फूलों को सजाता है आज शिक्षा को हर घर तक पहुंचाने के लिए तमाम सरकारी प्रयास किए जा रहे हैं इसलिए यह सम्मान शिक्षक को भी मिलना चाहिए क्योंकि इसके वे हकदार हैं एक गुरु है शिष्य के उत्तम चरित्र का निर्माण

गुरुर्ब्रम्हा गुरुर्विष्णु : गुरुर्देवो महेश्वरा :
गुरु: साक्षात् परं ब्रम्हा तस्मै श्री गुरुवे नम:

Essay On Teachers Day

प्रस्तावना

शिक्षा दिवस प्रत्येक वर्ष 5 सितम्बर को मनाया जाता हैं। यह दिन समस्त शिक्षकों और विद्यार्थियों के
लिए बहुत बड़ा दिन होता है। इस दिन पुरे विद्यालय को सजाया जाता हैं और विद्यार्थी शिक्षक के मनोरंजन लिए और उनके सम्मान में अनेक कार्यक्रम आयोजित करते हैं। सभी विद्यार्थियों के लिए आज का दिन एक छुट्टी से भरा मनोरंजनात्मक होता हैं। आज के दिन जितने विद्यार्थी खुश होते हैं उतने ही सभी शिक्षक भी प्रसन्न होते हैं।

teacher day

शिक्षक दिवस मनाने का कारण

5 सितम्बर के दिन हमारे देश के पूर्व राष्टीयपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में हम “Teacher’s Day” को मनाते हैं। सर्वपल्ली राधाकृष्णन स्वतंत्र भारत के पहले उप-राष्ट्रपति थे, उन्होंने सन् 1952 ले लेकर 1962 तक उप-राष्ट्रपति के रुप में देश की सेवा की इसके अलावा 1962 से 1967 तक उन्होंने देश के दूसरे राष्ट्रपति के रुप में भी कार्य किया।

डॉ .राधाकृष्णन शिक्षकों का बहुत सम्मान करते थे क्यूंकि वह स्वयं भी एक शिक्षक रह चुके थे। उन्होंने स्वयं कोलकत्ता विश्वविद्यालय, मैसूर विश्वविद्यालय और ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय जैसे कई सारे संस्थानों में पढ़ाया था।

उन्हें उनके काम के लिए सभी बहुत प्रशंसनीत करते थे। सभी उनका आदर और सामान भी करते थे। उनका मानना था कि शिक्षक वह व्यक्ति होते हैं जो देश के युवाओ को उनके भविष्य के लिए अग्रसर करते हैं। यही कारण था की उन्होंने अपने प्रोफ़ेसर के दायित्व को भली-भांति पूर्ण रूप से निभाया। उन्होंने अपने छात्र को हमेशा अच्छे संस्कार ही दिए और यही कारन था की उनके सभी छात्र उनका बहुत सम्मान करते थे।

जब वह हमारे देश के उप-राष्ट्रपति बने तब उनके कई छात्रों ने उनका जन्मदिवस मनाने की इच्छा व्यक्त की। इस बात पर डॉ राधाकृष्णन बहुत प्रसन्न हुए किन्तु उन्होंने अपने समस्त विद्यार्थियों से कहा कि मुझे बहुत अधिक प्रसन्नता तब होगी जब इस दिन को सिर्फ एक शिक्षक नहीं बल्कि पुरे देश के सभी शिक्षक समान रूप से मनाये।
फिर उस दिन के बाद 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस मनाया जाने लगा।

शिक्षक दिवस मनाने का महत्व

शिक्षक दिवस एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है, यह वह दिन है जिसे हम अपने शिक्षको के प्रयासो और कार्यो के सम्मान के रुप में मनाते हैं। शिक्षण का कार्य विश्व के सबसे कठिन कार्यो में से एक है क्योंकि उनके ऊपर देश के युवाओ को शिक्षा देने की जिम्मेदारी होती है। वह हर विद्यार्थी को समान रूप से शिक्षा प्रदान करके उन्हें भविष्य में एक महान और अच्छा व्यक्ति बनाने में पूरी निष्ठा के साथ जुट जाते हैं।

जैसा कि हम जानते हैं कि कोई भी व्यक्ति समान नहीं होता सब का व्यवहार एक-दूसरे से बहुत भिन्न होता हैं। लेकिन जो शिक्षक होते हैं उन सब अलग-अलग व्यवहार के बच्चो को एक जुट रहना और एक-दूसरे की मदद करना सीखा देते हैं। कहा भी जाता हैं कि “शिक्षक बगीचे के उस माली के समान है जो अपने बगीचे को अलग-अलग से फूलों को सजाता”। इसलिए शिक्षकों का दर्जा सबसे ऊपर होता हैं भगवान् से भी ऊपर होता हैं। 

गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय।

बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय।।

विद्यालयों में शिक्षक दिवस के लिए उत्सव

इस दिन पुरे देश में एक तरह से जश्न मनाया जाता हैं क्यूंकि गुरु हर वह व्यक्ति होता हैं जिनसे हम कुछ ना कुछ सीखते ही हैं। गुरु की कोई उम्र नहीं होती। चाहे गुरु हमसे बढ़ा हो या छोटा हमे अपने समस्त गुरुओ का सम्मान करना चाहिए। आज के दिन सभी स्कूलों में रोमांचक कार्यक्रम और मनोरजनात्मक कार्यक्रम किये जाते हैं। जिसमे सभी विद्यार्थी और शिक्षक पूर्ण रूप से सम्मिलित होते हैं। इस दिन विद्यालय में कोई पढाई नहीं कराई जाती। पूरा विद्यालय में जश्न होता हैं और विद्यालय को सजाया जाता हैं। शिक्षक के लिए फूल, कार्ड्स, चॉकलेट, और अनेक तरह के तोहफे होते हैं। 

जिनसे उन्हें प्रसन्न किया जाता हैं तथा उनके सम्मान में Speech भी दी जाती हैं। बहुत से विद्यार्थी इस दिन अन्य शिक्षक के मनोरंज के लिए अभिनय करते हैं और नृत्य का भी आयजन होता हैं। सच में शिक्षक के लिए किसी दिन भी आवश्यकता नहीं बल्कि हर दिन को शिक्षक को सौपने की आवश्यकता हैं। भारत के राष्ट्रपति हर साल 5 सितंबर को शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार वितरित करते हैं।

निष्कर्ष

भारत में शिक्षा दिवस शिक्षकों के सम्मान के रूप में मनाया जाता हैं। इस दिन शिक्षक और विद्यार्थी अनेक गतिविधियों में भाग लेते हैं और सभी बहुत प्रसन्न होते हैं। यह दिन शिक्षक और विद्यार्थी के इस अनमोल रिश्ते को मजबूत करता हैं। पुरे साल शिक्षक हमे पढ़ाते हैं और लिखाते है बिलकुल एक मां कि तरह हमारा ध्यान रखते हैं हमे समझते हैं और हमे समझते हैं। यह एक दिन हम सभी गुरुओ के लिए समर्पित होते हैं। जिन्हों हमे आगे बढ़ने में बहुत मदद की उनका हम धन्यवाद करते हैं।

सभी गुरुओ को मेरी तरफ से शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाये।

एक अच्छा शिक्षक मोमबत्ती
की तरह होता हैं,
जो खुद को जलाकर
दुसरो के लिए प्रकाश करता हैं

 

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शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है?

शिक्षक दिवस प्रतिवर्ष 5 सितम्बर के दिन मनाते हैं।

शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है?

भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मोत्सव और उनकी याद में यह दिन हर साल मनाया जाता हैं। शिक्षकों द्वारा किए गए योगदान एवं उनके प्रयासों पर कभी खास ध्यान नहीं दिया गया। इसलिए हम सभी को शिक्षकों के सम्मान में सभी स्कूल में शिक्षक दिवस मनाया जाता हैं।

शिक्षक दिवस का महत्व बताइये?

शिक्षक दिवस एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है, यह वह दिन है जिसे हम अपने शिक्षको के प्रयासो और कार्यो के सम्मान के रुप में मनाते हैं। शिक्षण का कार्य विश्व के सबसे कठिन कार्यो में से एक है क्योंकि उनके ऊपर देश के युवाओ को शिक्षा देने की जिम्मेदारी होती है। वह हर विद्यार्थी को समान रूप से शिक्षा प्रदान करके उन्हें भविष्य में एक महान और अच्छा व्यक्ति बनाने में पूरी निष्ठा के साथ जुट जाते हैं।

हर साल 5 सितंबर को शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार कौन वितरित करता है?

भारत के राष्ट्रपति हर साल 5 सितंबर को शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार वितरित करते हैं।

विश्व शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है?

विश्व शिक्षक दिवस हर साल 5 अक्टूबर को मनाया जाता है।

पहला शिक्षक दिवस कब मनाया गया था?

 पहला शिक्षक दिवस भारत में 1962 में मनाया गया था।

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